कैराना के नतीजे से मायूस बीजेपी

  • Publish Date:
  • June 01, 2018 04:05 PM

लोकसभा की 4 और विधानसभा की 10 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे गए हैं। उपचुनाव में बीजेपी को कई सीटों पर करारी हार का सामना करना पड़ा है इससे पहले गोरखपुर और फूलपुर में भी पार्टी को मात खानी पड़ी थी। उपचुनाव में बीजेपी को एक के बाद एक मिल रही हार यूपी की योगी सरकार और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत बड़ा झटका है। जिस यूपी में 2014 के लोकसभा और एक साल पहले 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बंपर सीटें मिली थी, अब उसी राज्य में बीजेपी फंसी हुई नजर रही है।

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव और पिछले साल 2017 के यूपी विधानसभा बीजेपी को जो भारी बहुमत मिला था अब उसमें सेंध लगनी शुरू हो गई है। बीजेपी जिस जातीय संतुलन को साधकर सत्ता में आई थी, योगी आदित्यनाथ उसे साथ लेकर चलने में असफल नज़र रहे है। इसके अलावा योगी राज में राजपूत और दलितों के बीच सहारनपुर जैसी हिंसक घटनाएं भी सामने आईं।

योगी आदित्यनाथ सीएम के साथ-साथ गोरखनाथ मठ के महंत भी हैं। पांच बार वे गोरखपुर लोकसभा से सांसद रहे हैं। यही वजह है कि वे अपने आपको गोरखपुर से बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं। महीने में दो से तीन दौरा उनका सिर्फ गोरखपुर का हो रहा है। इसके चलते विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, कि वे हर सप्ताह तो गोरखनाथ मंदिर में पूजा करने जा रहे हैं।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव कहते हैं, कि ' यूपी का विकास योगी से नहीं होगा, वो सिर्फ पूजा पाठ अच्छा कर सकते हैं।'

अयोध्या में बीजेपी का खास मुद्दा राममंदिर था। केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकारें होने के बाद भी पार्टी राममंदिर मामले पर खामोश है। जबकि विपक्ष में रहते हुए योगी आदित्यनाथ राममंदिर मामले को जमकर उठाते रहे हैं और अब जब वो खुद सत्ता में है तो राममंदिर के मसले को आपसी बातचीत से सुलझाने या फिर कोर्ट से जरिए हल करने की बात कह रहें हैं।

कैराना लोकसभा सीट पर राष्ट्रीय लोकदल नूरपुर विधानसभा सीट पर सपा की जीत से विपक्षी दलों के गठबंधन की नींव काफी मजबूत हुई है। बीजेपी तमाम कोशिशों के बावजूद इन सीटों पर जीत पाने में नाकाम रही है।

 

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