वन बेल्ट वन रोड परियोजना पर मोदी ने चीन का किया कड़ा विरोध

  • Publish Date:
  • June 11, 2018 06:02 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने चीन में रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान हाथ मिलाए। दोनों के बीच संक्षिप्त बातचीत भी हुई। लेकिन कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं की। 
मोदी ने अपने संबोधन में अफगानिस्तान के जरिए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान आतंकवाद का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश में शांति के लिए जो साहसिक कदम उठाए हैं, क्षेत्र में सभी लोग इसका सम्मान करेंगे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परोक्ष रूप से चीन कीवन बेल्ट वन रोड’ (ओबीओआर) का विरोध किया। उन्होंने कहा कि संपर्क परियोजनाओं को लागू करने से पहले देशों की संप्रभुत्ता और एकता का सम्मान करना चाहिए। दोनों आधारों पर खरी उतरने वाली और समावेशी परियोजनाओं का भारत समर्थन करेगा। ओआरओबी के तहत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरने का कारण भारत इसका विरोध कर रहा है। 

सम्मेलन के दौरान भारत ने चीन की बेल्ट चीन की बेल्ट एंड रोड परियोजना पर अपना कड़ा विरोध जताया। भारत लगातार इस परियोजना का विरोध कर रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरती है। वहीं, पाकिस्तान समेत अन्य सदस्य देशों ने चीन की इस परियोजना को समर्थन दिया। 

यह पहली बार था जब भारत और पाकिस्तान दोनों ही सदस्य देश के रूप में सम्मेलन में शामिल हुए। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के मद्देजनर भी इस बार का सम्मेलन खास माना गया।

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