इस बार हिंदू नववर्ष संवत् 2075 का आगमन 18 मार्च को हो रहा है।

  • Publish Date:
  • March 18, 2018 09:58 AM

नव संवत् के राजा सूर्य व मंत्री शनि हैं। खास यह कि संवत 2075 का आगमन मीन लग्न और मीन राशि में हो रहा है। मीन लग्न में चतु‌र्ग्रही योग बना है और इसमें ही नव संवत्सर का आगमन हो रहा

वाराणसी (जेएनएन)। सनातनी नववर्ष का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है। इस बार हिंदू नववर्ष संवत् 2075 का आगमन 18 मार्च को हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा जिस भी दिन उदयकाल में होती है, उसी दिन नववर्ष आरंभ माना जाता है। संवत 2075 विरोधकृत नामक संवत्सर होगा। नित्य संकल्प-विनियोगादि में इसका ही उपयोग होगा। नव संवत् के राजा इस बार सूर्य व मंत्री शनि हैं। खास यह कि संवत 2075 का आगमन मीन लग्न और मीन राशि में हो रहा है। मीन लग्न में चतु‌र्ग्रही योग बना है और इसमें ही नव संवत्सर का आगमन हो रहा है।

मान्यता :  प्राय: संपूर्ण विश्व में पहली जनवरी को ही नववर्ष का आरंभ माना जाता है लेकिन सनातनी परंपरा में चंद्र गणना आधारित काल गणना पद्धति मानी जाती है। इसी आधार पर विक्रम संवत की गणना की जाती है। धर्म शास्त्र के अनुसार ब्रह्मा जी ने सृष्टि का आरंभ किया। चंद्र गणना की पद्धति में चंद्रमा की सोलहों कलाओं के आधार पर दो पक्ष का एक-एक मास माना जाता है। इसी दिन सम्राट विक्रमादित्य ने शक क्षत्रपों को परास्त कर विक्रम संवत का आरंभ भी किया था।

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